हिंदी लेखन

  • नीलकंठ समास: हिंदी व्याकरण में महत्वपूर्ण समास का परिचय

    हिंदी व्याकरण में समास (Compound) का विशेष स्थान है। समास वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक शब्दों का मिलाकर एक नया शब्द बना दिया जाता है, जो अपने आप में एक नया अर्थ प्रस्तुत करता है। समास का प्रयोग हिंदी साहित्य और भाषाई शैली को समृद्ध बनाने के लिए किया जाता है। ऐसे ही एक महत्वपूर्ण समास का नाम है “नीलकंठ समास”। बिंदु विवरण समास का प्रकार नीलकंठ समास परिभाषा जब दो शब्दों का संयोजन एक नया और विशिष्ट अर्थ उत्पन्न करता है, तो उसे नीलकंठ समास कहते हैं। उद्देश्य शब्दों को संक्षेप रूप में प्रस्तुत करना, जिससे वाक्य का अर्थ और प्रभाव बढ़ता है। विशेषता नीलकंठ समास से एक नया अर्थ उत्पन्न होता है जो सामान्य…

  • योजक चिह्न : Question and Answers

    Mock Test on योजक चिह्न Mock Test on योजक चिह्न Website Name: Mocktesthub.in 1. योजक चिह्न का प्रयोग किसके लिए किया जाता है? a) दो शब्दों को जोड़ने के लिए b) वाक्य समाप्त करने के लिए c) वाक्य शुरू करने के लिए d) संख्या लिखने के लिए 2. योजक चिह्न किस प्रकार के समास में प्रयुक्त होता है? a) द्विगु समास b) अव्ययीभाव समास c) तत्पुरुष और द्वंद्व समास d) कर्मधारय समास 3. योजक चिह्न का प्रतीक कौन सा है? a) , b) ; c) – d) : 4. निम्नलिखित में से किस उदाहरण में योजक चिह्न का प्रयोग सही है? a) गंगा–जल b) गंगाजल c) गंगा जल d) गंगा+जल 5. किस प्रकार के शब्दों के बीच योजक चिह्न का…

  • योजक चिह्न: परिभाषा, प्रयोग, और नियम

    हिंदी व्याकरण को सही ढंग से समझने और लिखने के लिए विभिन्न प्रकार के चिह्नों का उपयोग किया जाता है। इन चिह्नों के माध्यम से हम वाक्यों को स्पष्टता और शुद्धता के साथ व्यक्त कर सकते हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण चिह्न है योजक चिह्न। यह लेख योजक चिह्न की परिभाषा, उसके प्रयोग और नियमों पर आधारित है, जिससे आप इस विषय को गहराई से समझ पाएंगे। योजक चिह्न किसे कहते हैं? योजक चिह्न वह होता है, जो दो या अधिक शब्दों को जोड़ने का कार्य करता है। इसका प्रयोग वाक्यों में शब्दों के बीच स्पष्टता लाने और सही अर्थ प्रकट करने के लिए किया जाता है। इसे अंग्रेज़ी में “connector” कहते हैं और इसे हिंदी में (-) के रूप…